Monday, 6 April 2015

Meditation For Beginners:Tips To Help Quiet The Mind(ध्यान : ध्यान की शुरुआत करने के १० सरल सुझाव)

Meditation For Beginners:Tips To Help Quiet The Mind     
(ध्यान : ध्यान की शुरुआत करने के १० सरल सुझाव)
ध्यान : ध्यान की शुरुआत करने के सरल सुझाव-                                      
अक्सर आपने महसूस किया होगा की जब आप आँखें बंद करके शांत बैठने की कोशिश करते हो लेकिन शांत बैठ नहीं सकते | क्या आपको आँखें बंद करके बैठना कठिन लगता है ? तो आप चिंता मत कीजिये विश्व में आप ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं है | 
हम आपको कुछ सरल उपाए बताने जा रहे हैं , ये उपाए उन लोगों के लिए हैं जो ध्यान की शुरुआत करने जा रहें हैं  |इन अभ्यासों को नियमित रूप से अपनाएंगे , आप निश्चित ही शांत मुद्रा ध्यान लगा सकेंगे  |आप इसकी शुरुआत इन १० सरल सुझावों के साथ करें |
सुविधाजनक समय का चुनाव करें :(CONVINIENT TIME FOR MEDITATION)-

ध्यान एक विश्राम का समय है, इसलिए मेरे हिसाब से ध्यान  को सुबिधाजनक रूप से करना लाभकारी होता है | आपको ऐसे  समय का चुनाव करना चाहिए जिसमे आपको को बाधा न हो तथा आपको कोई परेशान न कर सके और आप विश्राम और आनंद के साथ ध्यान की योगिक क्रिया को कर सकें  | सूर्योदय और सूर्यास्त का समय इसका अभ्यास करने लिये एक आदर्श समय है |

शांत एवं स्वच्छ स्थान चुने :(PEACEFUL PLACE FOR MEDITATION)-

सुविधाजनक समय के साथ-साथ  आपको सुविधाजनक स्थान का चुनाव करना भी अत्यंत आवश्यक है आप ऐसे स्थान को चुने जहां आप को कोई परेशान न कर सके | शांत और शान्तिपूर्ण वातावरण ध्यान  की यौगिक क्रिया के लिए सबसे उत्तम है यह ध्यान के अनुभवों को अत्यंत आनंदमयी एवं सुखदायी बनाता है  |

आराम की मुद्रा में  बैठें :(MEDITATION SUITABLE SITTING POSITION)-

ध्यान की यौगिक क्रिया पर आपके विश्राम की  मुद्रा का बहुत प्रभाव पड़ता है |सबसे पहले आप  यह सुनिश्चित कर ले कि आप आराम से, सुखद और स्थिर है |आप हमेशा सीधे-समान्तर बैठें और आपकी रीड की हड्डी हमेशा सीधी रहे , आप अपने कंधे और गर्दन को विश्राम की अवस्था में रखें अर्थात आप अपने कंधे और गर्दन को ढीला छोड़ दें और पूरी प्रक्रिया के दौरान आप अपनी आँखे बंद ही रखें |ध्यान की क्रिया के दौरान आपको पद्मासन यानी कमल मुद्रा में बैठना चाहिए |

ध्यान करते समय पेट खाली रहना चाहिए :                                                         
भोजन से पहले ही ध्यान करना चाहिए क्योंकि भोजन से पहले का समय ध्यान करने के लिए अच्छा  होता है क्योंकि भोजन के बाद में आपको निद्रा लग सकती है | लेकिन जब आपको तीव्र भूख लग रही  हो  तब ध्यान करने का अधिक प्रयास नहीं करना चाहिए  | क्योंकी भूख की ऐंठन के कारण आपको ध्यान की यौगिक क्रिया करने  में परेशानी होगी और ऐसा भी हो सकता है कि पूरे समय आप मात्र खाने के बारे में ही विचार करें  | यदि आपको तीव्र भूख लगी है तो आप भोजन के दो घंटे उपरांत ध्यान कर सकते हैं |

ध्यान की क्रिया को हमेशा वार्मअप से शुरू करें :                                                
आपको ध्यान की शुरुआत से पहले थोड़े समय का वार्मअप या सूक्ष्म योग  करना जरूरी होता है क्योंकि थोड़ी देर का वार्मअप अथवा सूक्ष्म योग ध्यान के पहले करने से आपके  ब्लड सर्कुलेशन  में सुधार होता है, शरीर से जड़ता और घबराहट दूर हो जाती  है और शरीर में हल्केपन  का अनुभव होता है | जिस कारण आप स्थिरता के साथ अधिक समयांतराल तक ध्यान के लिए बैठ सकेंगे |

ध्यान से पहले लम्बी-लम्बी गहरी श्वास लें -                                                        
यह ध्यान को आसानी से करने की तैयारी है | ध्यान करने से पहले लम्बी-लम्बी गहरी सांसें  लेना और छोड़ना एवं नाड़ी शोधन प्राणायाम को  करना काफी ठीक रहता है  | इससे आपकी श्वास की लय स्थिर हो जाती है और मन आसानी से शांतिपूर्ण रूप से  ध्यान की  अवस्था की ओर चला जायेगा |

अपने चेहरे पर हमेशा मीठी मुस्कान को  बना कर रखें:                                          
ध्यान करते समय आप अपने चेहरे पर हमेशा मीठी मुस्कान को बना कर रखें जिससे आप महसूस करेंगे कि आपका मन प्रसन्नता से भर गया है | एक निरंतर सौम्य मुस्कान से आप आराम, आनंद एवं शांति का अनुभव करेंगे जिससे आपके ध्यान के अनुभव की वृद्धि होगी  |

निर्देशित ध्यान से शुरुआत करें :                                                                        
नये लोगों के लिये ध्यान का अभ्यास करने के लिये निर्देशित ध्यान का सहारा लेना अच्छा होगा | इससे आप की ध्यान के अभ्यास की शुरुआत हो जायेगी | आप को सिर्फ आँखों को बंद करके आराम करना है और निर्देशों को सुनकर उसका पालन करते हुये ध्यान के अनुभवों  का आनंद लेना है | इसके लिए आप ऑनलाइन गाइडेड मैडिटेशन के बारे में सुन सकते है |

अपनी आँखों को धीरे धीरे सौम्यतापूर्वक खोले:                                                    
आप जैसे ही ध्यान के अंत  तक पहुंचे तब आपको अपनी आँखों को खोलने में शीघ्रता नहीं करनी चाहिए | आपको अपनी आँखे मंद- मंद  खोलनी चाहिए और अपने प्रति और वातावरण के प्रति सजग होने के लिये समय लेना जरूरी है |

ध्यान एक एनर्जी बूस्टर की तरह है :                                                                     
ध्यान एनर्जी बूस्टर के जैसे है | आप अपने दिनचर्या में कुछ मिनटों का ध्यान करेंगे तो आप खुद को  दिन भर उर्जावान अनुभव करेंगे  | आप अपनी दिनचर्या में ध्यान के लिए  थोडा सा  समय निकाले और अपने लिये ध्यान के आश्चर्यों का अनुभव करें | ध्यान करने से आपकी मानसिक थकान मिट जाएगी और आप दिन-भर तरोताजा महसूस करेंगे | जो कार्य आप 1 घटे में करते हैं वही कार्य आप ध्यान करने के बाद आधा घंटे में कर सकते है | 

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